पुराने भारत के मुद्राएँ इतिवास के महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं, जो उस युग की व्यापारिक और सांस्कृतिक परिस्थितियाँ को प्रकट करते हैं। इन मुद्रों पर अनेक राजाओं के चिह्न छापे होते थे, जो उनकी प्रभुत्व और साम्राज्यिक उद्देश्यों को व्यक्त करते थे। उदाहरण के लिए चाँदी के रूप, तांबे के टुकड़ों और सुवर्ण के टि